मुंबई में Times Power Creator Awards 2026 की Best AI Content श्रेणी में फाइनलिस्ट बनीं Ebha Patel, ₹730 के पहनावे में पहुँचाया पंचायत की महिलाओं का सम्मान
₹450 की साड़ी, ₹200 का मंगलसूत्र और ₹80 की चूड़ियाँ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से लेकर समारोह में पहुँचीं; सादगी, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और AI के जरिए पंचायतों को सशक्त बनाने का दिया संदेश
मुंबई/लखनऊ – जहाँ राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोहों में महंगे डिजाइनर परिधान और आभूषण अक्सर आकर्षण का केंद्र होते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश की इंजीनियर Ebha Patel ने मुंबई में आयोजित Times Power Creator Awards 2026 में अपनी सादगी और ग्रामीण महिलाओं के प्रति सम्मान का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
घर आई नन्ही परी फाउंडेशन की संस्थापक एवं चेयरमैन Ebha Patel ने समारोह में मात्र ₹450 की साड़ी, ₹200 का मंगलसूत्र और ₹80 की चूड़ियाँ पहनीं। विशेष बात यह रही कि यह पहनावा ग्राम पंचायत की स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं से लिया गया था।
₹730 का पहनावा, ग्रामीण महिलाओं के लिए बड़ा संदेश
कुल ₹730 के इस पहनावे के पीछे केवल सादगी नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का विचार था।
गाँवों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएँ वस्त्र, हस्तशिल्प, घरेलू उत्पाद और छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपनी आजीविका मजबूत कर रही हैं। Ebha Patel ने उनके उत्पादों को मंच पर अपनाकर यह संदेश दिया कि महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके उत्पादों को खरीदने और उनके प्रयासों को सम्मान देने से भी इसकी शुरुआत होती है।
Best AI Content श्रेणी में फाइनलिस्ट
Times Power Creator Awards 2026 में Ebha Patel को Best AI Content श्रेणी में फाइनलिस्ट के रूप में स्थान मिला।
कंप्यूटर साइंस इंजीनियर Ebha Patel का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बड़े कॉर्पोरेट कार्यालयों और महानगरों से आगे बढ़ाकर ग्राम पंचायतों, महिला सरपंचों और आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुँचाना है।
वे AI के माध्यम से ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), सरकारी योजनाओं की जानकारी, डिजिटल पत्राचार और आंगनवाड़ी प्रबंधन जैसे कार्यों को सरल बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
उनका मानना है कि तकनीक का वास्तविक लाभ तभी है, जब उसका उपयोग गाँव की अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला तक पहुँचे।
14 घंटे की सर्जरी के बाद राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
Ebha Patel की व्यक्तिगत यात्रा भी साहस और दृढ़ संकल्प की कहानी है। नवंबर 2024 में उन्हें लगभग 14 घंटे की जटिल व्हिपल सर्जरी से गुजरना पड़ा, जिसमें उनके पाचन तंत्र के कुछ अंगों को हटाना पड़ा।
इस गंभीर स्वास्थ्य चुनौती से उबरने के बाद उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला नेतृत्व और तकनीकी सशक्तिकरण के अपने प्रयासों को जारी रखा।
सितंबर 2026 में उन्हें CNBC-TV18 के Future Female Forward ICON 2026 सम्मान से सम्मानित किया गया। उनके कार्यों को NITI Aayog के Frontier Tech Hub और The Better India जैसे मंचों पर भी स्थान मिला है।
गाँव की बेटी ने गाँव की महिलाओं को दी प्राथमिकता
घर आई नन्ही परी फाउंडेशन के माध्यम से Ebha Patel नवजात बेटियों के सम्मान, महिला सरपंचों के नेतृत्व विकास, आंगनवाड़ी सशक्तिकरण और ग्रामीण डिजिटल साक्षरता के लिए कार्य कर रही हैं।
उनके इस पहनावे ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय मंचों पर ग्रामीण महिलाओं के हुनर को भी उतना ही सम्मान मिलना चाहिए जितना बड़े ब्रांडों को मिलता है।
₹730 की कीमत, लेकिन सम्मान अनमोल
Ebha Patel के इस कदम का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही था कि किसी महिला की पहचान उसके कपड़ों या आभूषणों की कीमत से नहीं, बल्कि उसके विचारों, संघर्ष और समाज के लिए किए गए कार्यों से बनती है।
“साड़ी ₹450 की, मंगलसूत्र ₹200 का और चूड़ियाँ ₹80 की थीं, लेकिन राष्ट्रीय मंच पर पहुँचा पंचायत की महिलाओं का सम्मान अनमोल था।”
मुंबई के राष्ट्रीय मंच पर Ebha Patel की उपस्थिति केवल एक डिजिटल क्रिएटर की उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की महिलाओं के हुनर, आत्मविश्वास और तकनीकी सशक्तिकरण के संकल्प को सामने लाने का अवसर भी बनी।









